शर्मनाक ! सदर अस्पताल चाईबासा में एम्बुलेंस नहीं मिलने पर पिता ने थैले में रखा 4 वर्षीय मासूम का शव, बस से गांव ले जाने को मजबूर


Publish Date: Sat, 20 Dec 2025 10:17 AM (IST)


 

चाईबासा : मानवता को झकझोर देने वाली एक बेहद दुःखद और शर्मनाक घटना पश्चिमी सिंहभूम जिले से सामने आई है, जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और एम्बुलेंस सेवा के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सदर अस्पताल चाईबासा से नोवामुंडी प्रखंड के बालजोड़ी गांव निवासी डिम्बा चतोम्बा को अपने महज 4 वर्षीय मासूम बच्चे के शव को सम्मान के साथ घर ले जाने के लिए भी एम्बुलेंस नसीब नहीं हुई। मजबूरन टूटे हुए पिता ने बच्चे के शव को थैले में रखकर बस से गांव ले जाने का दर्दनाक फैसला किया।


इलाज के दौरान मासूम की मौत......


प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिम्बा चतोम्बा अपने बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल, चाईबासा लेकर पहुंचे थे। परिजनों को उम्मीद थी कि अस्पताल में बेहतर इलाज मिलेगा, लेकिन इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में चला गया।



एम्बुलेंस के लिए घंटों की गुहार, नहीं मिली मदद......


बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने शव को गांव ले जाने के लिए अस्पताल प्रबंधन से एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की। बताया जाता है कि परिजन घंटों तक अस्पताल परिसर में एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। न तो अस्पताल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाई।


गरीबी और व्यवस्था की बेरुखी ने तोड़ा पिता का हौसला.....


गरीब और असहाय पिता डिम्बा चतोम्बा के पास निजी वाहन किराए पर लेने तक के साधन नहीं थे। प्रशासनिक संवेदनहीनता और स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही से टूट चुके परिजन आखिरकार बच्चे के शव को एक थैले में रखकर बस से बालजोड़ी गांव ले जाने को विवश हो गए। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर गया।



स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे गंभीर सवाल.......


इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा की पोल खोल दी है। सरकार गरीबों के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है।


सम्मानजनक अंतिम यात्रा भी नसीब नहीं.....


यह घटना केवल प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि समाज को झकझोर देने वाली सच्चाई है, जहां एक पिता को अपने मासूम बच्चे की अंतिम यात्रा भी सम्मान के साथ नसीब नहीं हो सकी। सवाल यह है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारी किसकी है और जवाबदेही कब तय होगी? स्थानीय लोगों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई और पिता इस तरह का दर्द झेलने को मजबूर न हो।

By News Flash


ताज़ा ख़बरे


डिवाइन मिशन स्कूल, हितकू, नरवा, सुंदरनगर, जमशेदपुर में मां छात्रावास का हुआ लोकार्पण

  31 Jan 2026


JAMSHEDPUR : डीजे बजाने को लेकर डिमना लेक में दो पक्षों के बीच मारपीट, चार घायल

  19 Jan 2026


झारखंड पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फैसला: थानों से 212 मुंशी हटाए गए, डीजीपी ने रद्द की पूर्व प्रतिनियुक्ति

  09 Jan 2026


BREAKING : अपराधी विजय तिर्की की चांडिल में मुर्गा लड़ाई के दौरान गोली मारकर ह'त्या, पढ़े पूरी खबर

  25 Dec 2025


JAMSHEDPUR : समुद्री जीव की तस्करी का भंडाफोड़, साकची के होटल विराट से वन विभाग की टीम ने लाखों का कोरल किया जब्त, 4 तस्कर गिरफ्तार, पढ़े पूरी खबर

  23 Nov 2025


BREAKING : बांग्लादेश पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी, पूर्व गृह मंत्री और पुलिस आईजी को मौत की सजा, पढ़े पूरी खबर

  17 Nov 2025


BREAKING : मेला से लौट रहे श्रद्धालुओं की कार और ट्रक में जोरदार भिड़ंत, 2 की मौत, 7 घायल

  06 Nov 2025


JAMSHEDPUR : डिमना चौक में बन रहा “फ्लाईओवर” बना लोगों के लिए मुसीबत, बिना अनुमति के देर रात तक सड़क जाम, नशे में धूत दिखे कर्मचारी, पढ़े पूरी खबर

  05 Nov 2025


JAMSHEDPUR : घोड़ाबांधा में ओला सर्विस सेंटर के बाहर खड़ी कई गाड़ियां धू-धू कर जलीं, मची अफरातफरी, कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू

  04 Nov 2025


रक्षा बंधन 2025 : श्रवण नक्षत्र और सौभाग्य योग में मनाया जाएगा राखी का पर्व, जानें शुभ मुहूर्त

  09 Aug 2025

सब्सक्राइब करें न्यूज़ फ़्लैश के डेली न्यूज़लेटर

Follow Us

            
free HitCounter

Copyright © 2023 News Flash Jharkhand. All Rights Reserved.